23 अप्रैल, 1968 का वह ऐतिहासिक दिन था, जब इस विद्यालय की आधारशिला डॉ. एच. एम. पटेल, आई.सी.एस. (सेवानिवृत्त) द्वारा रखी गई। उन दिनों यह विद्यालय लोकप्रिय रूप से “सेंट्रल स्कूल” के नाम से जाना जाता था। विद्यालय की स्थापना उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रोजेक्ट स्कूलों के अंतर्गत सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। अपनी स्थापना के बाद से केन्द्रीय विद्यालय वल्लभ विद्यानगर ने निरंतर प्रगति करते हुए स्वयं को शैक्षणिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित एक संस्थान के रूप में विकसित किया है। सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की परिकल्पना के साथ शुरू हुआ यह विद्यालय दशकों के दौरान एक सुव्यवस्थित सह-शैक्षिक संस्थान के रूप में विकसित हुआ है, जो व्यापक समुदाय की शैक्षिक आवश्यकताओं को भी पूरा कर रहा है।
विद्यालय की पाँच दशकों से अधिक की यात्रा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, जीवन-मूल्यों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विभिन्न समयों में कार्यरत प्राचार्यों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा समुदाय के सहयोग और समर्पित प्रयासों के माध्यम से केन्द्रीय विद्यालय वल्लभ विद्यानगर ने आनंद जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। आज यह विद्यालय अपनी समृद्ध विरासत और गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए समकालीन शिक्षण पद्धतियों, प्रौद्योगिकी एवं बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं को अपनाकर निरंतर प्रगति कर रहा है तथा जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और सक्षम नागरिकों के निर्माण के अपने संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध है।