कौशल शिक्षा
केंद्रीय विद्यालयों (केवी) ने कौशल शिक्षा को अपने पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बना दिया है। इसका उद्देश्य छात्रों को उद्योग-विशिष्ट कौशल से लैस करना, उनकी रोजगार क्षमता और उद्यमशीलता क्षमताओं को बढ़ाना है। कक्षा 6 से 12 तक के छात्र कंप्यूटर विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी जैसे व्यावसायिक विषयों के साथ-साथ कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन जैसे कौशल का विकल्प चुन सकते हैं। यह पहल केवी छात्रों को व्यावहारिक कौशल हासिल करने, उन्हें विभिन्न करियर पथों के लिए तैयार करने और देश के कुशल कार्यबल में योगदान देने में सक्षम बनाती है।